Skydiving in India in Hindi: भारत में स्काईडाइविंग का रोमांच, जानिए कहां और कैसे करें?
भारत में कई एडवेंचरस स्पोर्ट्स हैं। इनका क्रेज दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है, क्योंकि आज कल के लोगों को एडवेंचर करना बहुत पसंद होता है। इन्हीं एडवेंचरस स्पोर्ट में से एक स्काईडाइविंग भी है। स्काईडाइविंग को सबसे रोमांचक स्पोर्ट इसलिए माना जाता है, क्योंकि इसमें हजार फीट की उंचाई से प्लेन से छलांग लगाकर कुछ सेकेंड्स तक हवा में फ्री फॉल का अनुभव किया जाता है। स्काईडाइविंग पहले केवल विदेशों में ही लोकप्रिय मानी जाती थी, लेकिन अब भारत में भी स्काईडाइविंग (Skydiving in India in Hindi) के प्रोफेशनल सेंटर खुल गए हैं, जिसकी वजह से इसका चलन बढ़ता जा रहा है।
आज इस लेख में हम जानेंगे कि स्काईडाइविंग क्या है, यह कैसे की जाती है, भारत में स्काईडाइविंग कहां कर सकते हैं, इसकी लागत कितनी होती है और पहली बार स्काईडाइविंग करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
स्काईडाइविंग का मतलब क्या है? (Skydiving Meaning in Hindi)
स्काईडाइविंग एक एडवेंचरस स्पोर्ट है। इसमें विमान से हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई जाती है और कुछ समय तक हवा में फ्री फॉल करने के बाद पैराशूट की मदद से जमीन पर उतरा जाता है। स्काईडाइविंग का हिंदी अर्थ आसमान से छलांग लगाना है। इसका मतलब पैराशूट के साथ हवाई कूद लगाना भी होता है। हालांकि भारत में इसे आमतौर पर "स्काईडाइविंग" के नाम से ही जाना जाता है।
स्काईडाइविंग करने के लिए कुछ खास तरीके के उपकरण पहने जाते हैं। इसके बाद स्काईडाइविंग कोच के साथ प्लेन मे बैठाया जाता है। तय की गई ऊचांई तक पहुंचने के बाद प्लेन से छलांग लगाई जाती है।
फ्री फॉल (Free Fall)
फ्री फॉल में प्लेन से कूदने के बाद पैराशूट खुलने से पहले का समय फ्री फॉल कहलाता है। यह स्काईडाइविंग का सबसे रोमांचक हिस्सा होता है। इसमें लगभग 190 से 220 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से नीचे आया जाता है।
पैराशूट ओपनिंग (Parachute Opening)
एक तय की गई ऊंचाई पर पैराशूट को खोला जाता है। पैराशूट खुलते ही स्पीड काफी कम हो जाती है और स्काईडाइवर आराम से आसपास के दृश्यों का आनंद लेते हुए सुरक्षित लैंडिंग की ओर बढ़ता है।
भारत में स्काईडाइविंग का अनुभव (Skydiving Places in India)
पिछले कुछ समय से ही भारत में एडवेंचर टूरिज्म बढ़ने के साथ-साथ स्काईडाइविंग की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। आज देश के कई शहरों में टैंडम स्काईडाइविंग और प्रोफेशनल स्काईडाइविंग ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध है। कहा जा सकता है कि हां भारत में स्काईडाइविंग (Skydiving in India in Hindi) सुरक्षित है। अगर स्काईडाइविंग प्रमाणित और अनुभवी ऑपरेटर्स के साथ की जाए तो यह काफी सुरक्षित मानी जाती है।
पहली बार स्काईडाइविंग करने वालों को कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए:
- ट्रेनिंग को ध्यान से सुनना चाहिए।
- आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए।
- मौसम की जानकारी पहले से लेनी चाहिए।
स्काईडाइविंग का इतिहास
बता दें कि स्काईडाइविंग का इतिहास बहुत पुराना है। इसकी शुरुआत 18वीं शताब्दी से हुई थी। पैराशूट के शुरुआती प्रयोग गुब्बारों से किए गए थे। जैसे-जैसे विमानन तकनीक (Aviation Technology) बढ़ी। वैसे-वैसे स्काईडाइविंग एक लोकप्रिय एडवेंचर स्पोर्ट बन गई। भारत में स्काईडाइविंग की शुरुआत बहुत सीमित स्तर पर हुई थी, लेकिन पिछले कुछ समय में भारत में स्काईडाइविंग (Skydiving in India in Hindi) का विकास तेजी से हुआ है।
आज स्काईडाइविंग करने के लिए डेवलप्ड पैराशूट सिस्टम, ऑटोमेटिक एक्टिवेशन डिवाइस (AAD), डिजिटल अल्टीमीटर और हाई-क्वालिटी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बन गई है।
स्काईडाइविंग कैसे की जाती है?
1. प्री-जंप ट्रेनिंग
स्काईडाइविंग में जंप करने से पहले प्रतिभागियों को सुरक्षा नियम, बॉडी पोजिशन और लैंडिंग टेक्नीक्स की जानकारी दी जाती है।
2. विमान में चढ़ना
स्काईडाइविंग के कोच के साथ प्लेन में बैठकर लगभग 10,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई तक जाया जाता है।
3. फ्री फॉल का अनुभव
स्काईडाइविंग में प्लेन से छलांग लगाने के बाद कुछ सेकंड से लेकर लगभग एक मिनट तक फ्री फॉल का रोमांचक अनुभव महसूस किया जाता है।
4. पैराशूट खोलना
स्काईडाइविंग में तय की गई ऊंचाई पर पैराशूट को खोला जाता है, जिससे स्पीड कंट्रोल हो जाती है और सेफ लैंडिंग शुरू होती है।
5. सुरक्षित लैंडिंग
स्काईडाइविंग के आखिरी में कोच के निर्देशों का पालन करते हुए जमीन पर सेफ लैंडिंग की जाती है और स्काईडाइविंग का रोमांचक अनुभव पूरा होता है।
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स्काईडाइविंग के प्रकार
स्काईडाइविंग सभी के लिए एक जैसी नहीं होती है। इसे लेकर हर व्यक्ति का अनुभव, उद्देश्य और यहां तक की प्रकार भी अलग-अलग होते हैं। आइए स्काईडाइविंग के कुछ प्रकारों के बारे में जानते हैं –
1. टैंडम स्काईडाइविंग (Tandem Skydiving)
टैंडम स्काईडाइविंग शुरुआती लोगों के लिए बहुत लोकप्रिय है। ये उनके लिए सुरक्षित विकल्प भी माना जाता है। इसमें इंस्ट्रक्टर आपकी प्लेन से छलांग लगाने, फ्री फॉल को कंट्रोल करने, सही समय पर पैराशूट खोलने और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने में मदद करता है।
2. स्टेटिक लाइन स्काईडाइविंग (Static Line Skydiving)
इस प्रकार की स्काईडाइविंग में फ्री फॉल का समय बहुत कम होता है क्योंकि प्लेन से निकलते ही पैराशूट खुल जाता है। ये बेसिक ट्रेनिंग में इस्तेमाल होती है। इसके साथ ही इसमें फ्री फॉल का रिस्क कम होता है।
3. एक्सीलरेटेड फ्री फॉल (Accelerated Free Fall)
Accelerated Free Fall (AFF) स्काईडाइविंग सबसे फेमस प्रोफेशनल ट्रेनिंग मेथड में से एक है। इसमें प्रतिभागी को आजादी से स्काईडाइविंग करने के लिए ट्रेन किया जाता है। इसमें आजाद तरीके से जंपिंग की जा सकती है। इस प्रकार की स्काईडाइविंग प्रोफेशनल स्काईडाइवर बनने की दिशा में पहला कदम होता है।
4. सोलो स्काईडाइविंग (Solo Skydiving)
सोलो स्काईडाइविंग अनुभवी और ट्रेन्ड स्काईडाइवर्स के लिए होती है। इसमें व्यक्ति बिना किसी इंस्ट्रक्टर के खुद प्लेन से छलांग लगाता है और जंप को पूरा करने के लिए खुद ही कंट्रोल करता है। इसमे आजादी का अनुभव, हाई लेवल का एडवेंचर होता है।
भारत में स्काईडाइविंग के लिए 10 मुख्य स्थान (Top 10 Skydiving Places in India)
| मैसूर, कर्नाटक | प्रोफेशनल स्काईडाइविंग ट्रेनिंग, शानदार हवाई दृश्य, टैंडम और AFF जंप की सुविधा इसके मुख्य आकर्षण हैं। |
| इसकी अनुमानित लागत 25000 से 45000 प्रति जंप है। | |
| मैसूर में यात्रा के लिए सर्वोत्तम समय अक्टूबर से मार्च है। | |
| डीसा, गुजरात | डीसा में खुली जगह, प्रोफेशनल स्काईडाइविंग सुविधाएं, सुरक्षित ड्रॉप ज़ोन मुख्य आकर्षण हैं। |
| इसकी अनुमानित लागत 28000 से 40000 प्रति जंप के करीब है। | |
| आंबी वैली | आंबी वैली सुंदर पहाड़, झीलों के दृश्य, प्रोफेशनल टैंडम स्काईडाइविंग अनुभव, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा मुख्य आकर्षण हैं। |
| ये स्काईडाइविंग शुरू करने वालों के लिए बेहतर विकल्प है। | |
| पुदुचेरी | पुदुचेरी में समुद्र के ऊपर स्काईडाइविंग का अनूठा अनुभव मिलता है। यहां टैंडम स्काईडाइविंग का अनुभव मिलता है। |
| धाना | धाना स्काईडाइविंग के लिए मध्य भारत का लोकप्रिय केंद्र है। इसकी लागत 25000 से 35000 रुपए के बीच में है। |
| हैदराबाद | हैदराबाद में स्काईडाइविंग का एक अलग अनुभव महसूस होता है। यहां टैंडम स्काईडाइविंग की सुविधा उपलब्ध है। |
| अलीगढ़ | अलीगढ़ में समय-समय पर स्काईडाइविंग के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां पर स्काईडाइविंग की लागत 20000 से 35000 रुपए के बीच आती है। |
| नारनौल | नारनौल एडवेंचर प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यहां स्काईडाइविंग और एविएशन एक्टिविटीज होती हैं। ये दिल्ली एनसीआर के पास स्थित एक जगह है। |
| बेंगलुरु | बेंगलुरु में AFF कोर्स उपलब्ध हैं। यहां स्काईडाइविंग के अनुभवी ट्रेनर्स मौजूद हैं। |
| जयपुर | जयपुर में एडवेंचर इवेंट्स और स्काईडाइविंग कैंप्स आयोजित किए जाते हैं। ये जगह टूरिस्ट के बीच में बहुत लोकप्रिय है। |
स्काईडाइविंग के फायदे और नुकसान (Skydiving Advantages and Disadvantages)
स्काईडाइविंग न केवल रोमांच के लिए की जाती है, बल्कि इसे करने के कई फायदे और नुकसान भी होते हैं। आइए, स्काईडाइविंग के फायदों और नुकसानों के बारे में जानते हैं –
| स्काईडाइविंग के फायदे | स्काईडाइविंग के नुकसान |
| स्काईडाइविंग में हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई जाती है। इस चुनौती को पूरा करने से आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है। | स्काईडाइविंग करना पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है। तेज हवा, बारिश, धुंध या खराब दृश्यता के कारण जंप को स्थगित किया जा सकता है। |
| स्काईडाइविंग जैसी एक्टिविटी करने से डर पर काबू पाने में मदद मिलती है। यह मानसिक रूप से मजबूत बनने में भी मदद कर सकती है। | भारत में स्काईडाइविंग की लागत दूसरे एडवेंचर स्पोर्ट्स की तुलना में ज्यादा होती है। ट्रेनिंग, प्लेन, सुरक्षा उपकरण और कोच की लागत इसके खर्च को बढ़ाती है। |
| स्काईडाइविंग एक ऐसा अनुभव है जिसे लोग जीवनभर याद रखते हैं। फ्री फॉल का रोमांच, आसमान से दिखाई देने वाले नजारे और सेफ लैंडिंग की खुशी इसे बेहद खास बनाते हैं। | जिन लोगों को हेल्थ प्रॉब्लम्स होती हैं। उनके लिए स्काईडाइविंग करना सही नहीं होता है। ऐसे में जंप से पहले मेडिकल स्थिति की जांच करना जरूरी होता है। |
| स्काईडाइविंग एक ऐसा एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसे करते समय हार्मोन्स सक्रिय हो जाते हैं। इसे करने से मनासिक तनाव दूर करने में मदद मिलती है। | पहली बार स्काईडाइविंग करने वाले लोगों के लिए प्लेन से छलांग लगाना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि आपके कोच आपके इस डर को कम करने में मदद करते हैं। |
स्काईडाइविंग के लिए योग्यता और नियम
स्काईडाइविंग करने से पहले कुछ जरूरी नियमों और योग्यताओं को पूरा करना जरूरी होता है। वे नियम इस प्रकार हैं -
1. न्यूनतम आयु
भारत में ज्यादातर स्काईडाइविंग (Skydiving in India in Hindi) केंद्रों में कम से कम आयु 18 साल तय की गई है। कुछ जगहों पर अभिभावकों की अनुमति के साथ कम उम्र वाले प्रतिभागियों को भी अनुमति मिल सकती है।
2. वजन सीमा
सुरक्षा कारणों की वजह से ज्यादातर ऑपरेटर अधिकतम वजन सीमा निर्धारित करते हैं। यह वजन सीमा 90 से 110 किलोग्राम के बीच हो सकती है। हालांकि यह ऑपरेटर के अनुसार बदली जा सकती है।
3. स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएं
इसमें प्रतिभागियों का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए। कुछ मामलों में मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र की जरूरत भी पड़ सकती है।
4. किन लोगों को स्काईडाइविंग नहीं करनी चाहिए?
जिन लोगों को ह्दय रोग, अस्थमा, सांस से जुड़ी समस्याएं, सर्जरी, रीढ़ या गर्दन पर गंभीर चोट, गर्भावस्था की समस्या में स्काईडाइविंग नहीं करनी चाहिए।
5. भारत में स्काइडाइविंग की लागत
स्काईडाइविंग की कीमत स्थान, जंप के प्रकार और अतिरिक्त सेवाओं के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। आइए जानते हैं कि भारत में स्काईडाइविंग (Skydiving in India in Hindi) की लागत कितनी है -
6. Tandem Skydiving Cost
टैंडम स्काईडाइविंग भारत में सबसे लोकप्रिय मानी जाती है। इसे करने की अनुमानित लागत 25000 से 50000 रुपए के बीच मानी जाती है।
7. AFF Course Cost
Accelerated Free Fall (AFF) कोर्स उन लोगों के लिए होता है जो प्रोफेशनल स्काईडाइविंग सीखना चाहते हैं। इसे करने की अनुमानित लागत 2 लाख से 4 लाख रुपए के बीच है।
8. Solo Jump Cost
स्काईडाइवर्स के लिए सोलो जंप की सुविधा उपलब्ध होती है। इसे करने की अनुमानित लागत 8000 से 20000 प्रति जंप है।
9. वीडियो और फोटोग्राफी शुल्क
ज्यादातर स्काईडाइविंग ऑपरेटर वीडियो और फोटो पैकेज भी देते हैं। अगर आपको वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी करनी है, तो इसकी अनुमानित लागत 3000 से 10000 के बीच है।
10. कुल खर्च का अनुमान
अगर आप पहली बार स्काईडाइविंग कर रहे हैं और साथ में वीडियो पैकेज भी लेना चाहते हैं, तो इसके लिए अनुमानित खर्च 30000 से 60000 के बीच आता है।
स्काईडाइविंग के दौरान सुरक्षा उपाय
स्काईडाइविंग को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। ये सावधानियां इस प्रकार हैं -
1. प्रमाणित ऑपरेटर चुनें
स्काईडाइविंग करते समय ऐसे ऑपरेटर चुनने चाहिए जो मॉर्डन टूल्स, ट्रेन्ड इंस्ट्रक्टर्स और स्थापित सुरक्षा मानक का पालन करते हो।
2. सुरक्षा निर्देशों का पालन करें
स्काईडाइविंग में जंप करने से ब्रीफिंग को ध्यान से सुनना चाहिए। ऐसे में सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है।
3. सही उपकरण का उपयोग
स्काईडाइविंग करते समय सुरक्षित पैराशूट, अल्टीमीटर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का सही इस्तेमाल करना जरूरी होता है।
4. मौसम की जानकारी लें
स्काईडाइविंग से पहले मौसम की स्थिति की जांच करना जरूरी होता है। खराब मौसम में जंप करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
5. प्रशिक्षक के निर्देश मानें
फ्री फॉल, पैराशूट ओपनिंग और लैंडिंग के दौरान कोच के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। इससे सुरक्षा और अनुभव दोनों बेहतर होते हैं।
पहली बार स्काईडाइविंग करने वालों के लिए टिप्स
अगर आप पहली बार स्काईडाइविंग करने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें –
1. मानसिक रूप से तैयार रहें
स्काईडाइविंग एक रोमांचक अनुभव है, लेकिन इसमें ऊंचाई से कूदने का विचार घबराहट पैदा कर सकता है। इसे करते समय अपने मन को सकारात्मक रखें और कोच के निर्देशों का पालन करें।
2. आरामदायक कपड़े पहनें
स्काईडाइविंग करते समय ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना बेहतर होता है। इसके साथ ही स्पोर्ट्स शूज़ भी पहनें ताकि जंप के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
3. पर्याप्त नींद लें
स्काईडाइविंग से एक दिन पहले अच्छी नींद लेना जरूरी होता है। थकान या नींद की कमी के कारण ध्यान लगाने में परेशानी और अनुभव दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
4. हल्का भोजन करें
स्काईडाइविंग में जंप करने से पहले भारी खाना खाने से बचना चाहिए। हल्का और पौष्टिक भोजन करें ताकि आपको ऊर्जा मिले और असहजता महसूस न हो।
5. घबराहट को नियंत्रित करें
पहली बार स्काईडाइविंग करने वाले ज्यादातर लोग थोड़ी घबराहट महसूस करते हैं। ऐसे में गहरी सांस लें, कोच की बात ध्यान से सुनें और अनुभव का आनंद लेने की कोशिश करें।
स्काईडाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय
भारत में स्काईडाइविंग (Skydiving in India) के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम साफ रहता है और नजारा भी खूबसूरत नजर आता है। मानसून के मौसम में बारिश, तेज हवाएं और खराब नजारा स्काईडाइविंग को प्रभावित कर सकते हैं। इस मौसम में जंप की योजना बनाते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। स्काईडाइविंग मौसम पर निर्भर करने वाली एक्टिविटी है। जंप सुरक्षित हो इसके लिए साफ आसमान, नियंत्रित हवा और अनुकूल मौसम की आवश्यकता होती है।
Skydiving से जुड़े मिथक और तथ्य
| मिथक | तथ्य |
| स्काईडाइविंग बहुत खतरनाक है। | प्रशिक्षित व्यवस्था में यह काफी सुरक्षित होती है। |
| स्काईडाइविंग केवल प्रोफेशनल लोग कर सकते हैं। | शुरुआती लोग भी Tandem Jump कर सकते हैं। |
| इसके लिए विशेष फिटनेस जरूरी है। | सामान्य स्वास्थ्य मे भी स्काईडाइविंग की जा सकती है। |
| हर जंप में जोखिम बहुत ज्यादा होता है। | आधुनिक सुरक्षा मानक जोखिम को कम करते हैं। |
निष्कर्ष
स्काईडाइविंग एक एडवेंचरस स्पोर्ट है। इसमें पैराशूट की मदद से हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर सुरक्षित जमीन पर उतरा जाता है। भारत में स्काईडाइविंग (Skydiving in India in Hindi) करने के लिए मैसूर, अलिगढ़, हैदराबाद और पुडुचेरी जैसी जगहें काफी फेमस हैं।
पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग में (Paragliding vs Skydiving) एक विशेष अंतर होता है। पैराग्लाइडिंग में व्यक्ति पहाड़ी या ऊंची जगह से विशेष ग्लाइडर के साथ उड़ान भरता है। वहीं स्काईडाइविंग में विमान से फ्री-फॉल के बाद पैराशूट खोला जाता है। स्काईडाइविंग का आनंद सुरक्षा और कोच के नियमों को मानने से ही लिया जा सकता है। जो लोग अपने जीवन में कुछ अलग, रोमांचक और यादगार अनुभव करना चाहते हैं, उनके लिए स्काईडाइविंग एक बेहतरीन विकल्प है।
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