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Padmasana In Hindi: पद्मासन कैसे करते हैं? जाने तरीका, फायदे और उपयोग

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Padmasana In Hindi: पद्मासन कैसे करते हैं? जाने तरीका, फायदे और उपयोग

आयुर्वेद में माना जाता है कि किसी भी बीमारी की दवाइयां खाने के बजाय उसे घर बैठे योगा करने से ठीक किया जा सकता है। ऐसा कई बार देखा भी गया है कि जो लोग रोजाना योग करते हैं। उन्हें बीमारियां छू भी नहीं पाती हैं। वैसे तो योग में करीब 84 आसनों का वर्णन किया गया है, लेकिन आज हम जिस आसन के बारे में विस्तार से बात करेंगे वह पद्मासन (Padmasana In Hindi) हैं। आइए पद्मासन के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं।

पद्मासन का मतलब क्या है?  (Padmasana In Hindi)

 पद्मासन योग का एक महत्वपूर्ण आसन है। संस्कृत में पद्म शब्द का अर्थ कमल होता है। ऐसे में इसे Lotus Pose भी कहा जाता है। जब इस आसन को किया जाता है, तो इसमें बैठने की मुद्रा कमल के फूल जैसी दिखाई देती है। इस आसन (Padmasana In Hindi) को करने से मन को शांति मिलती है। इतना ही नहीं यह आसन शरीर को स्थिरता और आत्मा को शांति प्रदान करने वाला होता है।

 पद्मासन कैसे करें? (Padmasana Steps)

 अक्सर लोग सोचते हैं कि Padmasana Kaise Kare? इसे सीखने के लिए पार्क या योज क्लासिज़ में जाना पड़ेगा, लेकिन बता दें कि आप घर बैठे भी पद्मासन कर सकते हैं। कुछ आसान स्टेप्स की मदद से इसे आसानी से किया जा सकता है। आइए जानते हैं वे स्टेप्स कौन-से हैं।

  •  सबसे पहले योग मैट पर बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं।
  • इसके बाद बाएं पैर को मोड़े और दाईं जांघ पर रख लें। पैर को इस प्रकार रखें कि आपकी एड़ी शरीर के निकट आ जाए।
  • इसके बाद दाएं पैर को मोड़कर बाईं जांघ पर रख लें।
  • ध्यान रखें कि इस आसन को करते समय आपकी रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी हो।
  • इस आसन को करते समय पैर, कंधे सहित पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें।
  • इसके बाद दोनों हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रख लें।
  • तत्पश्चात आंखें बंद कर लें और धीरे-धीरे सांस लें और छोड़े।
  • आप जितनी देर तक इस आसन को कर सकते हैं, उतनी देर तक इस स्थिति में गतिहीन बनें रहें।

 पद्मासन करने के लाभ (Padmasana Benefits In Hindi)

 पद्मासन केवल एक आसन नहीं है, बल्कि भरपूर फायदों का खजाना है। अगर आप ऐसा सोचते हैं कि पद्मासन केवल एक मुद्रा है, तो बता दें कि ये आसन सिर्फ मुद्रा नहीं है। Padmasana Ke Fayde जानकर आप हैरान रह जाएंगे -

1. डाइजेशन में सुधार -

स्वस्थ शरीर के लिए पाचन सही से होना बहुत जरूरी है। अगर आप पद्दासन करते हैं, तो इससे पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज, अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

2. रीढ़ की हड्डी होती है मजबूत -

अक्सर बढ़ती उम्र के साथ रीढ़ की हड्डियों में भी दर्द बढ़ने लगता है। पद्मासन (Padmasana In Hindi) करने से रीढ़ की हड्डी का दर्द कम होता है और उसे मजबूती मिलती है, क्योंकि इस आसन में सीधे बैठते हैं, जिससे बॉडी का पोश्चर सुधरता है और हड्डी मजबूत होती है।

3. मानसिक शांति 

पद्मासन ऐसी मुद्रा है जिसे करने से दिमाग और मन दोनों को शांति मिलती है। इससे स्ट्रेस, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। ये ध्यान करने के लिए सबसे अच्छी मुद्रा या आसन माना जाता है।

4. एनर्जी बढ़ाए 

पद्मासन को सुबह के समय खाली पेट करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसे सुबह-सुबह करने से पूरे दिन बॉडी को एनर्जी मिलती है। पद्मासन की मुद्रा में बैठने से शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। इसके साथ ही शरीर में ऊर्जा का संचालन भी तेजी से होता है।

5. नींद की कमी में सुधार 

पद्मासन की मुद्रा लगाने से मानसिक स्वास्थ्य तो बेहतर होता ही है, लेकिन साथ ही नींद की कमी में भी सुधार होता है। इस लोटस पोज़ योगा को करने से नींद बेहतर आती है और मूड भी फ्रेश होता है।

पद्मासन करने के नुकसान (Side Effects Of Padmasana)

 पद्मासन एक फायदेमंद योगासन माना जाता है, लेकिन इसे गलत तरीके से करने से या क्षमता से ज्यादा कर लेने से नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं:

1) मसल्स में जकड़न- पद्मासन में ज्यादा लंबे समय तक बैठे रहने से जांघों और पिंडलियों की मसल्स में ऐंठन या जकड़न हो सकती है। ऐसे में इस आसन में अपनी क्षमता के अनुसार बैठना चाहिए।

2) घुटनों में दर्द _पद्मासन (Padmasana In Hindi) करते समय पैरों को मोड़कर जांघों पर रखा जाता है, जिससे घुटनों पर दबाव पड़ सकता है। यदि आप इस आसन को जबरदस्ती करने की कोशिश करते हैं, तो घुटनों के लिगामेंट्स पर खिंचाव पड़ सकता है। इससे आपके घुटनों में दर्द या चोट आ सकती है।

3) कमर में दर्द -इस मुद्रा को करते समय यदि रीढ़ की हड्डी सीधी न रखी जाए या गलत मुद्रा में बैठा जाए, तो आपकी कमर या पीठ में दर्द हो सकता है।

4) ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट- इस आसन में पैरों को मोड़कर बैठा जाता है, जिससे नर्व्स और ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ने लगता है। इससे पैरों के नीचे के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन कम हो सकता है, जिससे पैर सुन्न या झनझनाहट होने की समस्या हो सकती है।

5) टखनों में खिंचाव -पद्मासन में ज्यादा देर तक बैठने से एड़ियों/टखनों में दर्द, खिंचाव, सुन्न होने या झनझनाहट की शिकायत हो सकती है। ऐसा ज्यादातर तब होता है जब एड़ियों या टखनों में लचीलापन नहीं होता है।

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पद्मासन के उपयोग (Uses Of Padmasana)

 पद्मासन का उपयोग केवल योगा मैट और मेडिटेशन के कमरों में नहीं, बल्कि अन्य जगहों पर भी किया जा सकता है। आइए पद्मासन के उपयोग के बारे में जानते हैं। 

  1. अगर आप स्ट्रेस महसूस कर रहे हैं या आपका दिन बहुत थकान भरा है, तो इस शांत आसन का अभ्यास किया जा सकता है।
  2. इस आसन को रोजाना करने से शरीर में स्थिरता आती है और आत्म चिंतन करने में मदद मिलती है।
  3. पद्मासन (Padmasana In Hindi) करने से सांस लेने में दिक्कत नहीं होती और शरीर के प्रति जागरुकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  4. पूरे दिन कुर्सी पर बैठने के बजाय पद्मासन करने का उपयोग किया जा सकता है।

पद्मासन के प्रकार (Types Of Padmasana)

 पद्मासन ध्यान लगाने के लिए सबसे अच्छा आसन माना जाता है। इसके कई प्रकार का जिक्र किया गया है, हर प्रकार को शरीर की क्षमता, लचीलापन और अभ्यास के अनुसार किया जाता है। आइए, पद्मासन के प्रकार पर रोशनी डालते हैं -

1) पूर्ण पद्मासन -पूर्ण पद्मासन को सबसे प्रसिद्ध और पद्मासन का मूल रूप माना जाता है। इस मुद्रा को लगाते समय जमीन पर बैठकर दाएं पैर को बाईं जांघ पर और बाएं पैर को दाईं जांघ पर रखा जाता है। इसमें दोनों पैरों की इस तरह रखा जाता है कि पैरों के तलवे आकाश की ओर हो। इस आसन को करने से मन शांत रखने के साथ, ध्यान लगाने में भी मदद मिलती है।

2) उत्थित/उत्कट पद्मासन-इस आसन में पूर्ण पद्मासन की मुद्रा में बैठने के बाद हथेलियों को जमीन पर रखा जाता है। इसके बाद सांस को पूरी तरह से भरकर शरीर को हवा में ऊपर की ओर उठाया जाता है। इस आसन को करने से कोर मसल्स एक्टिव होती हैं और हांथों, कंधों की ताकत को मजबूती मिलती है।

3) अर्ध पद्मासन -इस आसन को पद्मासन का सबसे आसान रूप माना जाता है। इस आसन को करते समय एक पैर को मोड़कर दूसरी जांघ पर रखा जाता है, जबकि दूसरा पैर जमीन पर मुड़ा हुआ ही रखा रहेगा। इस आसन को करने से बॉडी में फ्लैक्सिबिलिटी आती है और ध्यान और मेडिटेशन में मदद मिलती है। इस आसन को शुरुआती अभ्यास के लिए अच्छा माना जाता है।

4) बद्ध पद्मासन -ये पद्मासन का थोड़ा कठिन प्रकार माना जाता है। इसमें पूर्ण पद्मासन लगाने के बाद हाथों को पीछे से घुमाकर दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ने की कोशिश की जाती है। इस आसन को करने से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, साथ ही कंधों में लचीलापन भी आता है।

5) योग मुद्रा पद्मासन -इस आसन को करने के लिए पूर्ण पद्मासन (Padmasana In Hindi) लगाकर पेट के बल लेटा जाता है और हाथों को पीठ के पीछे बांध लिया जाता है। इस आसन को करने से पाचन बेहतर होता है, साथ ही मानसिक शांति भी मिलती है।

पद्मासन करते समय रखें ये सावधानियां

पद्मासन (Padmasana In Hindi) वैसे तो आसान मुद्रा मानी जाती है, लेकिन इसे करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए वरना शरीर को कई तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं वे सावधानियां कौन-सी हैं -

  • इस आसन को करते समय अगर आपके घुटने या कमर में दर्द हो, तो तुरंत सावधानी बरतें।
  • पद्मासन करते समय शुरुआत में ज्यादा देर तक नहीं बैठना चाहिए।
  • इस मुद्रा को लगाते समय शरीर पर ज्यादा जोर न डालें वरना स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
  • यदि आपको कोई चोट लगी है या कोई सर्जरी हुई है, तो पद्मासन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह ले लेनी चाहिए।
  • पद्मासन जैसे योग का अभ्यास करने के लिए आरामदायक जगह पर ही करना चाहिए।

पद्मासन करने का सही समय

पद्मासन (Padmasana In Hindi) करने के लिए समसे अच्छा समय सुबह का माना जाता है। इस योगाभ्यास को करने के लिए पेट खाली होना चाहिए। आप इस आसन को खाना खाने के 3 से 4 घंटे के बाद भी कर सकते हैं।

क्या शुरुआती लोग पद्मासन कर सकते हैं?

हां, जो लोग पहली बार योग कर रहे हैं, वे पद्मासन (Padmasana In Hindi) कर सकते हैं। बता दें कि आसन को शुरुआत में करने से पैंरों में खिंचाव महसूस हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे आप इस आसन का अभ्यास रोज करेंगे। वैसे-वैसे शरीर में लचीलापन आने लगेगा जिससे आप इस आसन को आसानी से कर पाएंगे। जो लोग इस आसन की शुरुआत कर रहे हैं, वे शुरुआत में अर्ध पद्मासन से शुरुआत कर सकते हैं।

निष्कर्ष:

पद्मासन (Padmasana In Hindi) एक आसान और प्रभावशाली योगासन माना जाता है। ये शरीर और मन दोनों को शांति देने में मदद करता है। इसे रोजाना करने से मानसिक शांति, मन को एकाग्र करने, शरीर को स्थिरता देने में मदद मिल सकती है। अगर इसे सही तरीके और डेली रूटीन में किया जाए, तो यह शरीर के लिए इफेक्टिव साबित हो सकता है।

Disclaimer:

यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी देने और योग के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आपके पहले से ही घुटनों, कमर, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों में दर्द हो, कोई सर्जरी हुई है या आपको कोई अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो पद्मासन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। इसे गलत तरीके से करने से शरीर को नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

जिन लोगों को गर्भावस्था, पेट दर्द, कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, सर्जरी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं। उन्हें पद्मासन करने से बचना चाहिए।

पद्मासन करने के लिए कूल्हे, घुटनों और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन होना जरूरी है। अगर ज्यादा प्रोटीन लेने, जेनेटिक डिसऑर्डर या किसी अन्य कारण के चलते आपके जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न रहती है, तो इस आसन को करने में मुश्किल हो सकती है।

पद्मासन करने के लिए कूल्हे, घुटनों और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन होना जरूरी है। अगर ज्यादा प्रोटीन लेने, जेनेटिक डिसऑर्डर या किसी अन्य कारण के चलते आपके जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न रहती है, तो इस आसन को करने में मुश्किल हो सकती है।

पद्मासन करने से सांस लेने की बीमारी, हाइपर टेंशन, कब्ज जैसी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।

हां, पद्मासन को घुटनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे करने से घुटनों का दर्द कम होता है और उनमें लचीलापन आता है, लेकिन जिन लोगों के घुटनों में पहले से ही दर्द हो, उन्हें इस आसन को बिना डॉक्टर और योग विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए।

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